धमतरी-
समिति की ओर से जिला साहू समाज भवन में ओबीसी सामाजिक न्याय दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में मंडल आयोग की भूमिका, ओबीसी के संवैधानिक अधिकार और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि मंडल आयोग की अनुशंसाओं के आधार पर वर्ष 1990 में केंद्रीय सेवाओं में ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया शुरू हुई, जो सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम था।
समिति की ओर से जिला साहू समाज भवन में ओबीसी सामाजिक न्याय दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में मंडल आयोग की भूमिका, ओबीसी के संवैधानिक अधिकार और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि मंडल आयोग की अनुशंसाओं के आधार पर वर्ष 1990 में केंद्रीय सेवाओं में ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया शुरू हुई, जो सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम था।
समिति के संस्थापक अधिवक्ता शत्रुहन सिंह साहू ने कहा कि मंडल आयोग की अनुशंसाओं से ओबीसी वर्ग के लिए शिक्षा, रोजगार और प्रतिनिधित्व के अवसर बढ़े। कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष टिकेश्वर साहू ने कहा कि समाज को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए ऐसे आयोजन जारी रहेंगे। आचार्य नारायण प्रसाद कौशिक ने शिक्षा, समानता और सद्भाव को सामाजिक विकास का आधार बताया।
बैठक में 10 सितंबर को ग्राम मड़ेली में ओबीसी दिवस मनाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। कार्यक्रम में समिति के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे।
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