धमतरी। मृतक के नाम दर्ज करीब 4.5 एकड़ कृषि भूमि को अपना बताकर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और जमीन बेचने के नाम पर करीब 40 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले का मगरलोड पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी ठाकुर राम साहू सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार गोबरा नवापारा निवासी सचिन बगानी ने थाना मगरलोड में शिकायत दर्ज कराई थी कि ग्राम सांगा में मृतक विष्णु प्रसाद साहू के नाम दर्ज करीब 4.5 एकड़ कृषि भूमि को आरोपी ठाकुर राम साहू ने अपना बताकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए। जमीन बेचने के नाम पर आरोपी ने प्रार्थी से अलग-अलग माध्यमों से नगद एवं चेक के जरिए करीब 40 लाख रुपये प्राप्त किए।
शिकायत पर मगरलोड पुलिस ने अपराध क्रमांक 77/2026 के तहत बीएनएस की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने मृतक विष्णु प्रसाद साहू के नाम से डीसीबी बैंक शाखा करी नयापारा में प्रस्तुत ग्राहक आवेदन फार्म, संलग्न दस्तावेज और बैंक स्टेटमेंट की जांच की। जांच और पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने अवैध लाभ हासिल करने के उद्देश्य से मृतक के नाम पर फर्जी ऋण पुस्तिका, आधार कार्ड और बैंक संबंधी दस्तावेज तैयार किए थे।
पुलिस जांच में ठाकुर राम साहू द्वारा अपने सहयोगी जितेन्द्र साहू के साथ मिलकर आपराधिक षडयंत्र के तहत कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और उनका इस्तेमाल कर भूमि पर अपना अधिकार दर्शाने की बात सामने आई।
फर्जी दस्तावेजों का जखीरा बरामद
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में फर्जी ऋण पुस्तिका, फर्जी आधार कार्ड, एक एटीएम कार्ड, तीन चेक, दो रबर सील, लिखावट संबंधी डायरी और 5,200 रुपये नगद बरामद किए हैं। मुख्य आरोपी ठाकुर राम साहू के लिखावट एवं हस्ताक्षर के नमूने भी लिए गए हैं, जिन्हें आवश्यक परीक्षण एवं मिलान के लिए क्यूडी शाखा भेजा जाएगा।
मामले में आपराधिक षडयंत्रपूर्वक कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और उनका इस्तेमाल कर धोखाधड़ी किए जाने के साक्ष्य मिलने पर धारा 61(2) बीएनएस भी जोड़ी गई है।
दो आरोपी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में ठाकुर राम साहू (37), निवासी ग्राम सांगा, थाना मगरलोड तथा जितेन्द्र साहू (38), निवासी ग्राम पोखरा, थाना राजिम, जिला गरियाबंद शामिल हैं। दोनों को 20 अगस्त को गिरफ्तार कर विधिसम्मत कार्रवाई के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक मामले की विवेचना अभी जारी है। फर्जी दस्तावेज तैयार करने, कूटरचना में सहयोग करने तथा पूरे षडयंत्र में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि जमीन या अन्य संपत्ति खरीदने से पहले दस्तावेजों और स्वामित्व की विधिवत जांच कराएं तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।
0 Comments