राजिम। महानदी, पैरी और सोंढूर नदी के संगम पर स्थित आस्था के प्रमुख केंद्र कुलेश्वर महादेव मंदिर में लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण मंदिर परिसर का चबूतरा लगभग पूरी तरह जलमग्न होने की स्थिति में पहुंच गया है। यदि जलस्तर में और वृद्धि होती है तो चबूतरा पूरी तरह पानी में समा सकता है।
मानसून के दौरान नदियों में बढ़ते प्रवाह का असर सीधे मंदिर परिसर पर दिखाई देने लगा है। श्रद्धालुओं की आवाजाही पहले की तुलना में सीमित हो गई है और प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं से नदी के किनारे अनावश्यक रूप से न जाने और सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।
कुलेश्वर महादेव मंदिर राजिम की धार्मिक पहचान का प्रमुख केंद्र है, जहां वर्षभर हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। संगम तट पर स्थित होने के कारण हर वर्ष वर्षाकाल में जलस्तर बढ़ने का प्रभाव मंदिर परिसर तक पहुंचता है, लेकिन इस बार चबूतरा डूबने की स्थिति ने श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ा दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वर्षा का सिलसिला जारी रहा और ऊपरी क्षेत्रों से जलप्रवाह बढ़ा, तो आने वाले दिनों में मंदिर परिसर का निचला हिस्सा पूरी तरह जलमग्न हो सकता है। फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी।
0 Comments