खाद उपलब्धता, धान समर्थन मूल्य, बिजली बिल सहित विभिन्न मुद्दों पर कार्रवाई की मांग
धमतरी-
छत्तीसगढ़ किसान यूनियन के पदाधिकारियों एवं किसानों ने रविवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम जिला प्रशासन के माध्यम से 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपकर किसानों, मजदूरों एवं आम नागरिकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों के निराकरण की मांग की। ज्ञापन अपर कलेक्टर को सौंपा गया।ज्ञापन में खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों को प्रति एकड़ दो बोरी यूरिया एवं दो बोरी डीएपी खाद उपलब्ध कराने तथा उर्वरकों की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की गई है। साथ ही नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया की खरीदी को किसानों के लिए स्वैच्छिक बनाए जाने की बात भी कही गई है।किसान यूनियन ने पूर्व में संचालित गोबर जैविक कम्पोस्ट खाद योजना को पुनः प्रारंभ करने की मांग करते हुए कहा है कि इससे जैविक खेती को बढ़ावा मिलने के साथ किसानों को अतिरिक्त आर्थिक लाभ प्राप्त हो सकेगा। संगठन ने बढ़ते बिजली बिलों पर चिंता व्यक्त करते हुए बिजली दरों में कमी तथा स्मार्ट मीटर व्यवस्था को समाप्त करने की मांग भी उठाई है।
ज्ञापन में धान का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 3358 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने तथा पूर्व सरकार के कार्यकाल की धान खरीदी की लंबित चौथी किस्त की राशि किसानों को शीघ्र भुगतान किए जाने की मांग की गई है। इसके अलावा डीजल, पेट्रोल एवं रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कमी लाने की आवश्यकता भी बताई गई है।संगठन ने लंबित वृद्धावस्था पेंशन का भुगतान तत्काल करने, शिक्षा व्यवस्था में समानता सुनिश्चित करने के लिए सभी वर्गों के विद्यार्थियों हेतु समान शिक्षा व्यवस्था लागू करने तथा चना उत्पादक किसानों को बोनस प्रदान करने की मांग भी रखी है। वहीं प्रत्येक किसान एवं मजदूर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि खेती-किसानी की लागत लगातार बढ़ रही है और किसानों को अनेक व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में किसानों एवं ग्रामीण वर्ग से जुड़े मुद्दों पर सरकार द्वारा शीघ्र निर्णय लिए जाने की आवश्यकता है।ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के प्रदेश एवं जिला पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।