रायपुर। 
भीषण गर्मी और हीटवेव की मार झेल रहे छत्तीसगढ़वासियों को अब राहत मिलने लगी है। नवतपा की समाप्ति के साथ ही प्रदेश में मौसम ने करवट ले ली है। पिछले एक सप्ताह से सक्रिय प्री-मानसून गतिविधियों के कारण प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। कई जिलों में अधिकतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस तक कम हुआ है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।मौसम विभाग के अनुसार रविवार को भी प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। गरियाबंद में सर्वाधिक 30 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि सुकमा और रामानुजनगर में 20-20 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश और तेज हवाओं के कारण वातावरण में ठंडक घुली है और तापमान सामान्य स्तर की ओर लौटने लगा है।मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर की वैज्ञानिक एस. के. अवस्थी ने बताया कि प्रदेश में सक्रिय प्री-मानसून सिस्टम के प्रभाव से तापमान में लगातार गिरावट देखी जा रही है। आगामी कुछ दिनों तक आंधी, बारिश और बादलों की आवाजाही का दौर जारी रहने की संभावना है, जिससे मौसम सुहावना बना रहेगा।वहीं, दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति भी तेज हो गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक अगले दो से तीन दिनों में मानसून केरल के रास्ते देश में प्रवेश कर सकता है। अरब सागर, लक्षद्वीप, केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। सामान्यतः मानसून एक जून के आसपास केरल पहुंचता है, लेकिन इस वर्ष इसके आगमन में दो से तीन दिन की देरी हुई है।मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की दस्तक के साथ ही छत्तीसगढ़ में भी बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी, जिससे किसानों समेत आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। फिलहाल प्री-मानसून की बारिश ने प्रदेश में तपिश के तेवर नरम कर दिए हैं और लोगों को राहत भरी सांस लेने का मौका मिला है।