धमतरी मनरेगा के तहत निर्मित आजीविका डबरियों को जल निधि परियोजना से जोड़कर धमतरी जिले में मत्स्य पालन आधारित आजीविका को बढ़ावा दिया जा रहा है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने शुक्रवार को नगरी विकासखंड के बोथापारा और चनागांव का निरीक्षण कर हितग्राहियों से संवाद किया तथा अधिकारियों को मनरेगा परिसंपत्तियों का उत्पादक उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में जिले की 16 आजीविका डबरियों में मत्स्य पालन सफलतापूर्वक संचालित है, जिसे आगामी चरण में 50 गांवों की 50 डबरियों तक विस्तारित किया जाएगा। एबिस कंपनी द्वारा सीएसआर के तहत मछली दाना खरीद पर 25 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है।
कलेक्टर ने बोथापारा में महिला मत्स्य पालक सावित्री दर्रो तथा चनागांव में प्रगतिशील किसान नारायण सिंह नेताम के आजीविका मॉडल का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि मनरेगा, जल संरक्षण और मत्स्य पालन का समन्वित मॉडल किसानों की आय बढ़ाने, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में प्रभावी पहल