धमतरीकिसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने तथा कालाबाजारी एवं अधिक कीमत पर बिक्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा जिलेभर में सहकारी एवं निजी उर्वरक विक्रय केन्द्रों का लगातार औचक निरीक्षण किया जा रहा है। संचालक कृषि श्री राहुल देव के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के निर्देशन में उप संचालक कृषि सहित उर्वरक, बीज एवं कीटनाशी निरीक्षकों की टीम द्वारा यह कार्रवाई की जा रही है।
निरीक्षण अभियान के तहत धमतरी विकासखंड में मेसर्स वीणा ट्रेडर्स पोटियाडीह, काप केयर एण्ड ट्रेडिंग झिरिया, विनय कृषि केन्द्र कुर्मातराई तथा प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों कन्डेल, भटगांव, लिमतरा एवं आमदी का निरीक्षण किया गया। इसी प्रकार कुरूद विकासखंड में रागनी ट्रेडर्स सिलीडीह, सत्यम शिवम कृषक क्लब भखारा, कृष्णा फर्टिलाईजर कुरूद, दुर्गा कृषि केन्द्र मंदरौद, पी.के. ट्रेडर्स भखारा, लक्ष्मी ट्रेडर्स भखारा एवं प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों मंदरौद और कुरूद का निरीक्षण किया गया।
वहीं मगरलोड विकासखंड में प्राथमिक कृषि सहकारी समिति भेण्डरी एवं मेघा तथा नगरी विकासखंड में पारस कृषि केन्द्र सोनामगर, कर्मा ट्रेडर्स सेमरा, राज कृषि केन्द्र नगरी एवं प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों सेमरा, सिहावा एवं कुकरेल का भी औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान कई विक्रय केन्द्रों में अनियमितता एवं अव्यवस्था पाए जाने पर संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। मेसर्स काप केयर एण्ड ट्रेडिंग झिरिया, पारस कृषि केन्द्र सोनामगर, कर्मा ट्रेडर्स सेमरा, कृष्णा फर्टिलाईजर कुरूद तथा राज कृषि केन्द्र नगरी से जवाब तलब किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर संबंधित केन्द्रों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इसी क्रम में मेसर्स लक्ष्मी ट्रेडर्स भखारा द्वारा निर्धारित मात्रा से अधिक उर्वरक विक्रय करने एवं भूमिहीन व्यक्ति को उर्वरक बेचने की अनियमितता पाए जाने पर उसका लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
कृषि विभाग ने बताया कि किसानों को सुगमतापूर्वक एवं निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए जिले के सभी कृषि आदान विक्रय केन्द्रों की सतत निगरानी एवं औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे डीएपी उर्वरक के स्थान पर विभाग द्वारा सुझाए गए वैकल्पिक उर्वरकों का उपयोग करें तथा उर्वरक खरीदते समय शासन द्वारा निर्धारित मूल्य पर ही खरीदी करें और बिल अवश्य प्राप्त करें।
उर्वरकों की गुणवत्ता, कालाबाजारी अथवा अधिक कीमत पर बिक्री संबंधी शिकायतों की जानकारी किसान अपने नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय में तत्काल दे सकते हैं।