धमतरी (छत्तीसगढ़):
जिला मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत कलारतराई में उप सरपंच की कथित मनमानी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने इस संबंध में अपर कलेक्टर, एसडीएम, जनपद पंचायत एवं तहसीलदार को लिखित शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत द्वारा घांस भूमि पर निर्मित सार्वजनिक शौचालय को उप सरपंच द्वारा तोड़कर वहां निजी व्यावसायिक परिसर का निर्माण कराया जा रहा है। इस पूरे मामले की जानकारी ग्राम सरपंच एवं सचिव को भी होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि शौचालय जर्जर स्थिति में था, तो उसका जीर्णोद्धार किया जाना चाहिए था, न कि उसे ध्वस्त कर निजी निर्माण कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने इसे पंचायती राज अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन बताया है।
ग्रामीणों ने यह भी उल्लेख किया कि केंद्र सरकार द्वारा चलाए गए स्वच्छता अभियान के तहत गांव-गांव में शौचालय निर्माण कर खुले में शौच की समस्या को समाप्त करने का प्रयास किया गया है। ऐसे में सार्वजनिक शौचालय को हटाकर निजी निर्माण करना सरकार की मंशा के विपरीत है।
इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों ने उप सरपंच पर पूर्व में भी अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कोलियारी-खारेंगा मार्ग निर्माण के दौरान ठेकेदार से मिलीभगत कर नदी तट से मुरूम का अवैध उत्खनन कराया गया, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान हुआ। इस मामले में शिकायत के बाद प्रशासन द्वारा अवैध खनन पर रोक लगाई गई थी।
ग्रामीणों—कुंदन साहू, अर्जुन कुमार, सुनील निर्मलकर एवं विनोद कुमार—ने आरोप लगाया कि उप सरपंच का शासकीय कार्यालयों में प्रभाव होने के कारण उसके हौसले बुलंद हैं और वह नियमों की अनदेखी करते हुए लगातार मनमानी कर रहा है। साथ ही, उस पर अधिकारियों पर अनावश्यक दबाव बनाने के भी आरोप लगाए गए हैं।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या कथित अवैध निर्माण पर रोक लगाते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।