धमतरी, । जिले के भखारा तहसील अंतर्गत ग्राम सिहाद में खसरा नंबर 1137/1 की 0.69 हेक्टेयर भूमि को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मामले में रिसईपारा निवासी मोहम्मद रशीद ने कलेक्टर से शिकायत कर आरोप लगाया है कि संबंधित भूमि, जिसे बाद में शासकीय सड़क बताया गया, की रजिस्ट्री उन्हें धोखे में रखकर कराई गई।
शिकायतकर्ता के अनुसार 11 दिसंबर 2023 को उप-पंजीयक कार्यालय में भूमि की रजिस्ट्री कराई गई थी और रजिस्ट्री से पूर्व खसरे पर संबंधित पटवारी द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर भी किए गए थे। उनका कहना है कि उन्हें भूमि की वास्तविक स्थिति की जानकारी नहीं दी गई। बाद में जब नामांतरण के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया तो 12 फरवरी 2024 को तहसील स्तर पर इसे शासकीय भूमि बताते हुए निरस्त कर दिया गया।
प्रकरण में ग्राम पंचायत स्तर पर भी आपत्ति दर्ज कराई गई थी, वहीं उच्च राजस्व स्तर पर कुछ बिंदुओं पर प्रश्न उठने की जानकारी सामने आई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पूरी प्रक्रिया में उन्हें गुमराह किया गया, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है।
वहीं, जिन व्यक्तियों पर आरोप लगाए गए हैं, उनकी ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है। हालांकि, प्रशासनिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की बात कही जा रही है।
मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। बहुजन समाज पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष आशीष रात्रे ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
इधर, कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने का आश्वासन दिया है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला आरोपों और शिकायत के आधार पर जांच के दायरे में है, जिसके निष्कर्ष के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।