धमतरी-
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड के ग्राम लाखासार से राज्य की महत्वाकांक्षी गौधाम योजना का शुभारंभ किया। योजना का उद्देश्य प्रदेश में बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करना, उनके संरक्षण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है।मुख्यमंत्री ने कहा कि गोधन हमारी ग्रामीण संस्कृति कृषि व्यवस्था व अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है।प्रदेश की समृद्धि में पशुधन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, इसलिए राज्य सरकार गौवंश के संरक्षण,संवर्धन और समुचित प्रबंधन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि गौधाम योजना के माध्यम से बेसहारा मवेशियों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित आश्रय की व्यवस्था की जाएगी, जिससे किसानों को आवारा मवेशियों की समस्या से राहत मिलेगी।उन्होंने कहा कि गौधामों में मवेशियों के लिए चारा, पानी, स्वास्थ्य परीक्षण और देखभाल की समुचित व्यवस्था होगी। साथ ही गोबर और गोमूत्र आधारित उत्पादों को बढ़ावा देकर स्व,सहा, समूहों और ग्रामीणों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर भी सृजित किए जाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम में धमतरी जिले से जिला पंचायत सभागार में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में महापौर नगर निगम धमतरी रामू रोहरा, जनपद पंचायत अध्यक्ष अंगीरा धुव, विकासखंड गौधाम समितियों के अध्यक्ष एवं सदस्य तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री गजेन्द्र ठाकुर शामिल हुए।जिले में वर्तमान में 12 गौधामों के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 5 प्रस्ताव प्रेषित किए जा चुके हैं, 2 प्रस्ताव प्रशासकीय स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं, जबकि 3 ग्राम पंचायतों से अनुमति प्राप्त होना शेष है। इसके अलावा एक प्रस्ताव पूर्व में नगर निगम गौठान को गौधाम के रूप में विकसित करने के लिए भेजा गया है।ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में गौधाम स्थापित होने से सड़कों पर घुमंतू पशुओं की संख्या कम होगी, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संभावना भी घटेगी। साथ ही लावारिस पशुओं को सुरक्षित आश्रय मिलने से उनके संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा। गौधामों में चारागाह विकास के साथ इन्हें गौ-संवर्धन केंद्र के रूप में विकसित कर गौ-आधारित उत्पाद तैयार किए जाएंगे।
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