धमतरी -
शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है,जहां 170 विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में भाग लिया। विशेष बात यह रही कि इनमें अधिकांश संख्या महिलाओं और बालिकाओं की रही,जिन्होंने अपने हौसले और जज्बे से एक नई मिसाल पेश की।ये सभी शिक्षार्थी प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के “सेकंड चांस प्रोग्राम” के अंतर्गत अपनी पढ़ाई कर रहे हैं। यह कार्यक्रम उन लोगों के लिए एक सुनहरा अवसर है, जो किसी कारणवश अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए थे। अब वे दोबारा शिक्षा से जुड़कर अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।विद्यार्थी छत्तीसगढ़ ओपन स्कूल के माध्यम से डिजिटल और फेस-टू-फेस कक्षाओं में अध्ययन कर रहे हैं, जिससे उनकी परीक्षा की तैयारी बेहतर और व्यवस्थित तरीके से हो सकी। 17 मार्च को आयोजित प्रथम प्रश्नपत्र में विज्ञान और हिंदी विषय की परीक्षा संपन्न हुई।इन महिलाओं का आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प इस बात का प्रमाण है कि नारी शक्ति हर चुनौती का सामना कर आगे बढ़ने के लिए तैयार है। खास बात यह भी है कि ये परीक्षार्थी लगभग 25 गांवों से परीक्षा केंद्र तक पहुंचीं,जिसमें उनके परिवारों का सहयोग महत्वपूर्ण रहा।यह पहल न केवल शिक्षा के महत्व को रेखांकित करती है,बल्कि यह भी दर्शाती है सीखने की कोई उम्र नहीं होती। कठिन परिस्थितियों के बावजूद इन महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
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