धमतरी/मगरलोड -
बोर्ड परीक्षा से पहले विद्यार्थियों की तैयारी को परखने और उन्हें वास्तविक परीक्षा का अनुभव देने के उद्देश्य से सेकंड चांस प्रोग्राम के अंतर्गत मॉक टेस्ट परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। 17 मार्च से प्रारंभ होने वाली बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए आयोजित इस पहल का लक्ष्य विद्यार्थियों की लिखावट, उत्तर प्रस्तुति और विषय-समझ का समग्र मूल्यांकन करना है, ताकि वे समय रहते अपनी कमजोरियों में सुधार कर सकें।परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों को ब्लैक और ब्लू पेन के निर्धारित उपयोग, उत्तर लेखन की सटीक पद्धति तथा समय प्रबंधन के महत्व के बारे में मार्गदर्शन दिया जा रहा है। उन्हें यह भी सिखाया जा रहा है कि सीमित समय में प्रश्नपत्र को प्रभावी ढंग से कैसे हल किया जाए, जिससे वे वास्तविक परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
कार्यक्रम में सभी फैकल्टी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही तथा प्रोग्राम हेड धनेश भास्कर के नेतृत्व में पूरी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा रहा है। इस अभ्यास परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों की कमजोर कड़ियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के लिए विशेष रणनीति बनाई जाएगी।शिक्षाविदों का मानना है कि इस प्रकार के मॉक टेस्ट न केवल विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ाते हैं, बल्कि परीक्षा के तनाव को कम कर उन्हें बेहतर परिणाम के लिए मानसिक रूप से भी तैयार करते हैं। सेकंड चांस प्रोग्राम की यह पहल विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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