आवासीय वन परिसर मोहदी में उत्तर सिंगपुर परिक्षेत्र अंतर्गत जैव विविधता प्रबंधन समिति (बीएमसी) के अध्यक्षों और सदस्यों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय जैव विविधता तथा उससे जुड़े पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण, सतत उपयोग और प्रलेखन के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
कार्यशाला में EARTH RETREAT FOUNDATION की ओर से मास्टर ट्रेनर कु. सेफाली यादव और अनुभा द्विवेदी ने बीएमसी के सदस्यों को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बीएमसी के प्रमुख कार्यों में जन जैव विविधता पंजी तैयार करना, जैव विविधता संरक्षण को बढ़ावा देना, संसाधनों तक पहुंच का विनियमन, समान लाभ सुनिश्चित करना तथा जैव विविधता विरासत स्थलों के संरक्षण और प्रबंधन—पर प्रकाश डाला।प्रशिक्षण में बीएमसी के अधिकारों पर भी चर्चा की गई, जिसमें जैव विविधता स्थानीय कोष का संचालन, शुल्क, अनुदान और दान से प्राप्त धनराशि का समुदाय के हित में उपयोग तथा राष्ट्रीय और राज्य जैव विविधता संस्थाओं को जैविक संसाधनों के उपयोग से जुड़े निर्णयों में परामर्श देना शामिल है।
विशेष सत्र में बीएमसी सदस्यों को क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, इस बारे में भी मार्गदर्शन दिया गया। सदस्यों को नियमित प्रशिक्षण में भाग लेने, वन विभाग के निर्देशों का पालन करने, सामुदायिक निगरानी दल का सहयोग करने, समय पर सूचना साझा करने तथा बच्चों और युवाओं को जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही अफवाहों से दूर रहने, वन्यजीवों से टकराव की स्थिति न बनने देने, अवैध गतिविधियों में शामिल न होने तथा आपात स्थिति की जानकारी विभाग को तुरंत देने की सलाह दी गई।कार्यक्रम में परिक्षेत्र अधिकारी पंचराम साहू, मुकुन्दराव वाहने सहायक परिक्षेत्र अधिकारी, मोहदी. कुलेश्वर कंवर, गौतम निषाद, रोहित तिवारी, टीकेश्वर नेताम, पारसनाथ श्रीमाली, चुरामनलाल पटेल, छाया ध्रुव, प्रियंका सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके अलावा परिक्षेत्र अंतर्गत बड़ी संख्या में बीएमसी अध्यक्ष, सदस्य और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।
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