धमतरी-किसानों की आय बढ़ाने और शासकीय योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कृषि, पशुपालन, मत्स्यपालन एवं उद्यानिकी विभागों की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष एवं शासकीय श्रवण बाधितार्थ बालिका विद्यालय में आयोजित बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति का आकलन करते हुए आवश्यक निर्देश दिए गए।बैठक में कलेक्टर ने कहा कि शासन की प्राथमिकता किसानों की आय में वृद्धि तथा योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन है। उन्होंने हाल ही में संपन्न धान खरीदी और एग्रीस्टेक रकबा समर्पण कार्य में मैदानी अमले की सराहना करते हुए आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रसार हेतु कर्मचारियों को अन्य राज्यों में एक्सपोजर विजिट पर भेजने के निर्देश दिए, ताकि उन्नत कृषि पद्धतियों को जिले में लागू किया जा सके।एग्रीस्टेक पंजीयन की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि आगामी शासकीय योजनाओं का लाभ पंजीयन के आधार पर ही प्रदान किया जाएगा, इसलिए शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक किसानों का पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। प्रधानमंत्री आशा योजना के अंतर्गत चना खरीदी के लिए इस वर्ष 50 हजार क्विंटल का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। किसानों की सुविधा के लिए सलोनी, संबलपुर और भुरसी में तीन नई समितियों का गठन किया गया है तथा चना, सरसों और मूंग जैसी दलहन-तिलहन फसलों में अधिक पंजीयन कराने पर जोर दिया गया।बैठक में पीएमएफएमई योजना के प्रकरणों को अनावश्यक रूप से अस्वीकृत न करने, सभी विकासखंडों में शिविर आयोजित कर आवेदन प्राप्त करने तथा पीएम अजय योजना के लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए।
प्रधानमंत्री धरती आबा योजना के तहत तैयार मुर्गी शेड की जानकारी लेते हुए कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली फसलों को बढ़ावा देने और जल स्रोतों के संरक्षण के लिए ग्राम स्तर पर अभियान चलाने पर बल दिया गया।पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान राष्ट्रीय पशुधन मिशन, टीकाकरण, दुग्ध सहकारी समितियों की स्थिति और किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से पशुपालकों को लाभान्वित करने पर विशेष जोर दिया गया। कृत्रिम गर्भाधान के लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति तथा दुग्ध संग्रहण केंद्रों को सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए गए।उद्यानिकी विभाग की समीक्षा में सब्जी, पुष्प एवं मसाला उत्पादन, शेडनेट, पॉलीहाउस, फेंसिंग, सपोर्ट सिस्टम और वर्मी कम्पोस्ट योजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया। अधिकारियों को आयल पाम की खेती का रकबा बढ़ाने और केसीसी से संबंधित समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए गए।
0 Comments