धमतरी।
“जय जवान, जय किसान” के उद्घोष के साथ किसान संगठन ने समर्थन मूल्य पर जारी धान खरीदी व्यवस्था में धान उठाव की धीमी गति को लेकर चिंता व्यक्त की है। संगठन का कहना है कि सोसाइटियों में किसानों से धान खरीदी का कार्य लगभग दो माह पूर्ण होने की स्थिति में है, लेकिन इसके बावजूद अधिकांश सहकारी समितियों में धान का उठाव बेहद कम मात्रा में हुआ है। कई समितियों में तो अब तक उठाव प्रारंभ भी नहीं हो सका है।धान का उठाव नहीं होने के कारण सोसाइटियों में जाम की स्थिति कभी भी उत्पन्न हो सकती है। भंडारण क्षमता प्रभावित होने से आने वाले दिनों में किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ ही लंबे समय तक धान पड़े रहने से सुखत (वजन में कमी) जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं, जिसकी भरपाई कई बार समिति स्तर पर की जाती है।किसान संगठन ने बताया कि सहकारी समितियां पूर्णतः किसानों की समितियां हैं, जिनका संचालन किसानों की शेयर पूंजी से होता है। ऐसी स्थिति में यदि धान के सुखत बैठने या अन्य कारणों से कोई नुकसान होता है, तो उसका सीधा भार किसानों पर ही पड़ता है। संगठन का कहना है कि वर्तमान में खरीदे गए धान का यदि मार्च–अप्रैल माह में उठाव होता है, तो सुखत बैठना लगभग निश्चित है, जिससे समितियों और किसानों दोनों को आर्थिक क्षति हो सकती है।इन परिस्थितियों को देखते हुए किसान संगठन ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आग्रह किया है कि धान उठाव की प्रक्रिया को शीघ्र गति देने के लिए संबंधित अधिकारियों एवं विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं, ताकि सहकारी समितियों का संचालन सुचारू रूप से हो सके और किसान बिना किसी बाधा के अपना धान विक्रय कर सकें।यह अपील घना राम साहू, जिला अध्यक्ष, किसान संगठन, धमतरी द्वारा की गई है।
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