सिर्री पुल हत्याकांड में लगभग डेढ़ वर्ष बाद न्यायिक प्रक्रिया पूरी करते हुए माननीय न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध करार देते हुए आजीवन कारावास एवं 07 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि घटना के समय कोई प्रत्यक्षदर्शी उपलब्ध नहीं था और अपराध स्थल, मृतक का निवास तथा शव की बरामदगी—तीनों अलग-अलग थाना क्षेत्रों में घटित हुए थे।प्रकरण के अनुसार, 09 अक्टूबर 2024 को ग्राम सिर्री रोड स्थित बड़े नहर में एक अज्ञात युवक का शव मिलने की सूचना पर चौकी बिरेझर पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर जांच प्रारंभ की गई। जांच के दौरान शव की पहचान ग्राम कंडेल निवासी किशोर साहू पिता चंद्रहास साहू (22 वर्ष) के रूप में हुई।पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं घटनास्थल निरीक्षण में मृतक के दोनों हाथ पीछे से तथा दोनों पैर बंधे होने की पुष्टि हुई, जिससे प्रथम दृष्टया मामला हत्या का पाया गया। इसके बाद अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध दर्ज कर विवेचना आगे बढ़ाई गई।जांच के दौरान संकलित परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि मृतक को अंतिम बार ग्राम गागरा निवासी मुकेश साहू के साथ देखा गया था। पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान आरोपी ने शराब सेवन के दौरान नहर किनारे ले जाकर हत्या करना स्वीकार किया। आरोपी द्वारा घटना के बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से मोबाइल फोन, वाहन की नंबर प्लेट एवं अन्य सामग्री नहर में फेंकने की जानकारी दी गई, जिसे उसकी निशानदेही पर बरामद किया गया।प्रकरण में अपराध क्रमांक 416/24 धारा 103(1) एवं 238 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला पंजीबद्ध कर आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।इस मामले की जांच कई स्तरों पर जटिल रही। मृतक थाना अर्जुनी क्षेत्र का निवासी था, हत्या थाना कुरुद क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम डांडेसरा के पास की गई तथा शव चौकी बिरेझर क्षेत्र से बरामद हुआ। इसके अतिरिक्त, किसी भी स्तर पर प्रत्यक्षदर्शी गवाह उपलब्ध नहीं था।इन परिस्थितियों में वैज्ञानिक पद्धति से साक्ष्य संकलन, घटनास्थल के तकनीकी परीक्षण, कॉल व लोकेशन से जुड़े तथ्यों तथा परिस्थितिजन्य प्रमाणों के आधार पर अभियोजन पक्ष द्वारा मजबूत प्रकरण प्रस्तुत किया गया।
समस्त साक्ष्यों एवं सुनवाई उपरांत माननीय अपर सत्र न्यायाधीश, द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायालय, धमतरी ने आरोपी मुकेश साहू पिता कुशल राम साहू (27 वर्ष), निवासी ग्राम गागरा, थाना अर्जुनी को दोषसिद्ध मानते हुए आजीवन कारावास, 07 वर्ष के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया।प्रकरण की विवेचना में उल्लेखनीय कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार धमतरी द्वारा तत्कालीन चौकी प्रभारी निरीक्षक चंद्रकांत साहू को प्रशंसा स्वरूप सेवा अभिलेख में अंकन एवं 500/-रूपए नगद पुरस्कार प्रदान किया गया।
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