धमतरी-ईमानदारी जब वर्दी के साथ दिखाई देती है, तो समाज का भरोसा और गहरा हो जाता है। सिटी कोतवाली क्षेत्र में ऐसा ही एक प्रेरक उदाहरण सामने आया है, जहाँ एक पुलिसकर्मी ने सड़क पर गिरे पर्स और नकदी को पूरी ईमानदारी के साथ उसके वास्तविक मालिक तक सुरक्षित पहुँचाकर मानवता और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रिसाईपारा निवासी हरीश कुमार आहूजा शिव चौक से रत्नाबांधा की ओर जा रहे थे। दोपहर लगभग 2:30 बजे, पॉपुलर बेकरी के सामने चलते समय उनका पर्स अनजाने में सड़क पर गिर गया। पर्स गिरने के साथ उसमें रखी नकदी भी सड़क पर बिखर गई, लेकिन भीड़ और जल्दबाज़ी के कारण उन्हें इसकी जानकारी नहीं हो सकी और वे आगे बढ़ गए।इसी दौरान सिटी कोतवाली में पदस्थ पेट्रोलिंग प्रभारी सुरेंद्र डंडसेना अपनी ड्यूटी समाप्त कर घर लौट रहे थे। उनकी नजर सड़क पर पड़े पर्स और बिखरे पैसों पर पड़ी। उन्होंने बिना देर किए पर्स और नकदी को सुरक्षित समेटा और पर्स में रखे आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज़ों के माध्यम से उसके मालिक की पहचान की। पर्स में दर्ज मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर हरीश कुमार को अपने पर्स के गुम होने की जानकारी मिली।मोबाइल पर बातचीत के बाद हरीश कुमार पॉपुलर बेकरी के पास पहुँचे। मौके पर सुरेंद्र डंडसेना ने पर्स में मौजूद रकम के संबंध में जानकारी ली। हरीश कुमार ने बताया कि पर्स में 12,200 रुपये थे, जो किसी आवश्यक सामान की खरीद के लिए रखे गए थे। इसके बाद पुलिसकर्मी द्वारा पूरी राशि मौके पर ही गिनकर, बिना किसी कमी के, उन्हें सौंप दी गई।अपना पर्स और पूरी नकदी सुरक्षित वापस पाकर हरीश कुमार ने पुलिसकर्मी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में खोई हुई वस्तु का मिल जाना ही बड़ी बात है, लेकिन उसे पूरी ईमानदारी से लौटाना उससे भी बड़ा और सराहनीय कार्य है।यह घटना केवल एक पर्स लौटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज और पुलिस के बीच विश्वास, संवेदनशीलता और कर्तव्यपरायणता का सशक्त उदाहरण है। सिटी कोतवाली पेट्रोलिंग प्रभारी सुरेंद्र डंडसेना का यह व्यवहार निश्चय ही प्रशंसनीय है और समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश देता है।
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