धमतरी-
शहर में ई-रिक्शा यात्रियों को निशाना बनाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले अंतर्राज्यीय महिला चोर गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। महाराष्ट्र से आकर शहर में सक्रिय तीन शातिर महिला चोरों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। यह कार्रवाई शहर में बढ़ रही जेबकटी की घटनाओं पर बड़ी सफलता मानी जा रही है। यह मामला 20 दिसंबर का है। मराठापारा निवासी सरिता त्रिपाठी अपनी बच्ची के साथ मजदूरों को भुगतान करने के लिए 20 हजार रुपये नगद लेकर गणेश चौक से ई-रिक्शा में सवार हुई थीं। रास्ते में रामबाग के पास तीन महिलाएं उसी ई-रिक्शा में बैठीं। कुछ दूरी तय करने के बाद तीनों महिलाएं विंध्यवासिनी मंदिर के पास उतर गईं।
जब सरिता त्रिपाठी कारगिल चौक पहुंचीं और किराया देने के लिए बैग खोला, तो उनके होश उड़ गए। बैग में रखी पूरी नकदी गायब थी। पीड़िता ने तत्काल सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई।शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जांच की गई। तकनीकी साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर संदिग्ध महिलाओं की पहचान की गई। पुलिस टीम ने तलाश के दौरान तीनों महिलाओं को विंध्यवासिनी मंदिर के पास से घेराबंदी कर पकड़ा।
पूछताछ में तीनों महिलाओं ने ई-रिक्शा में चोरी की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस के अनुसार, आरोपी महिलाएं जानबूझकर भीड़ वाले ई-रिक्शा में बैठती थीं, धक्का-मुक्की का माहौल बनाती थीं और इसी दौरान यात्रियों के बैग से नकदी चोरी कर लेती थीं। यह उनका तय और सुनियोजित तरीका था।आरोपियों के पास से 8 हजार 680 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि चोरी की रकम का शेष हिस्सा वे पहले ही खर्च कर चुकी थीं।गिरफ्तार महिलाओं की पहचान प्रिया इंचुरकर, रंजू सेंडे और संगीता पाथरे के रूप में हुई है। तीनों आरोपी महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों की रहने वाली हैं। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इनमें से एक महिला पूर्व में रायपुर में भी इसी तरह की चोरी के मामले में शामिल रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह अंतर्राज्यीय गिरोह धमतरी में लगातार वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। समय रहते गिरफ्तारी से शहर में सक्रिय जेबकतरों पर बड़ी रोक लगी है।
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