धमतरी।
धमतरी वनमंडल के अंतर्गत उत्तर सिंगपुर वन परिक्षेत्र में तेंदुए के अवैध शिकार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। 22 दिसंबर 2025 को वनगस्ती के दौरान ग्राम कोरगांव के एक स्थानीय चरवाहे ने वन अमले को सूचना दी कि गांव स्थित एक कुएं में तेंदुआ गिर गया है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची, लेकिन कुएं में तेंदुआ नहीं पाया गया।इसके बाद वन अमले द्वारा आसपास के वन क्षेत्र में सघन निरीक्षण एवं पतासाजी की गई। जांच के दौरान आरक्षित वन कक्ष क्रमांक 23, ग्राम कोरगांव (कनडबरा) क्षेत्र में एक तेंदुआ मृत अवस्था में बरामद किया गया। निरीक्षण में तेंदुए के चारों पैरों के पंजे कटे हुए पाए गए, जिससे अवैध शिकार की प्रबल आशंका जताई गई।मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण क्रमांक 14907/02 दिनांक 22.12.2025 को पंजीबद्ध कर तत्काल रात्रिकालीन गहन जांच प्रारंभ की गई। जांच में उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व की डॉग स्क्वॉड की भी सहायता ली गई।सघन जांच के दौरान ग्राम कोरगांव निवासी गोवर्धन पटेल पिता आत्माराम पटेल (उम्र 28 वर्ष) के कब्जे से पैरा में छिपाकर रखे गए तेंदुए के पंजे/नाखून तथा पंजे काटने में प्रयुक्त हथियार बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार करते हुए अन्य दो व्यक्तियों की संलिप्तता की जानकारी भी दी।इसके आधार पर गोवर्धन पटेल, श्यामलाल पिता सोनहर (उम्र 52 वर्ष) एवं हेमचंद पिता बसंत (उम्र 57 वर्ष), तीनों निवासी ग्राम कोरगांव, के विरुद्ध वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 39(1)(घ), 39(3), 48, 49(4), 50, 51 एवं 52 तथा भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26(1)(झ) के तहत मामला दर्ज किया गया।आरोपियों को माननीय न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम वर्ग, व्यवहार न्यायालय कुरूद में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में 6 जनवरी 2025 तक जिला जेल धमतरी भेज दिया गया है।वन विभाग ने इस घटना को वन्यजीव संरक्षण के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए कहा है कि अवैध शिकार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।