धमतरी।
राज्य विधिज्ञ परिषद छत्तीसगढ़ के सदस्य एवं जिला एवं सत्र न्यायालय धमतरी के अधिवक्ता शत्रुहन सिंह साहू ने प्रदेश के राजस्व न्यायालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार, बाबू प्रथा एवं दलाल तंत्र पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, राजस्व मंत्री तथा राजस्व सचिव को विस्तृत ज्ञापन प्रेषित किया है।ज्ञापन में साहू ने कहा है कि प्रदेश के तहसीलदार, नायब तहसीलदार, एसडीएम, अपर कलेक्टर एवं कलेक्टर न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बार-बार स्थगन, अभिलेखीय अनियमितताओं तथा कथित भ्रष्टाचार के कारण आम नागरिकों, किसानों एवं भूमिधारकों को न्याय प्राप्त करने में अनावश्यक विलंब का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर न्यायालयीन प्रक्रिया में बाबू प्रथा एवं दलाल तंत्र का प्रभाव बढ़ता जा रहा है, जिससे पारदर्शिता एवं निष्पक्षता प्रभावित हो रही है। उन्होंने सभी राजस्व न्यायालयों की विशेष जांच कराने तथा न्यायालय परिसरों में दलालों की गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है।अधिवक्ता साहू ने न्यायालय परिसरों में सीसीटीवी कैमरे एवं ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था लागू करने, प्रकरणों की स्थिति, आदेश तथा अगली तारीख ऑनलाइन उपलब्ध कराने की मांग भी की है। इसके साथ ही अधिवक्ताओं को न्यायालय द्वारा जारी मेमो, नोटिस एवं अन्य आदेशों की प्रतियां अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने तथा महत्वपूर्ण कार्यवाही के दौरान अधिवक्ताओं की उपस्थिति सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई है।ज्ञापन में भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं की शिकायतों के लिए स्वतंत्र हेल्पलाइन, ऑनलाइन शिकायत पोर्टल तथा राज्य स्तरीय निगरानी समिति के गठन की मांग भी की गई है।अधिवक्ता शत्रुहन सिंह साहू ने कहा कि राजस्व न्यायालय आम जनता के भूमि एवं संपत्ति संबंधी अधिकारों की रक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इसलिए इन संस्थाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं निष्पक्षता सुनिश्चित करना राज्य शासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
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