धमतरी मगरलोड क्षेत्र में धड़ल्ले से भारी मशीनों के जरिए रेत निकाली जा रही है,  जिसमें चन्दसुर चन्दना से ट्रैक्टर-ट्रॉली और डंपरों से दिन-रात परिवहन जारी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक रोक के बावजूद रेत माफिया बेखौफ सक्रिय हैं और निगरानी व्यवस्था सवालों के घेरे में है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान अवैध खनन से नदी का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ता है, तटों का कटाव बढ़ता है और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचता है। वहीं, अवैध परिवहन से शासन को लाखों रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका भी है। वहीं इस मामले में खनिज अधिकारी व माइनिंग इंस्पेक्टर को फोन के माध्यम से जानकारी देना चाहा लेकिन अधिकारी फोन उठाना ही लाजमी नहीं समझ रहे 
अब सवाल यह है कि जब घाट बंद हैं, तो बाजार तक पहुंच रही रेत आखिर कहां से आ रही है? आमजन प्रशासन और खनिज विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि प्रतिबंध का उद्देश्य सिर्फ कागजों तक सीमित न रह जाए।