धमतरी/कुरूद 
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिर्री में “हमर स्कूल हमर अभिमान” अभियान के अंतर्गत गुरु–शिष्य स्नेह महासम्मेलन 2026 का भव्य आयोजन रविवार, 4 जनवरी को उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 9 बजे दीप प्रज्ज्वलन के साथ की गई। आयोजन शाला विकास समिति, पूर्व छात्र–छात्राओं, शिक्षकों एवं ग्रामीणों के सहयोग से सम्पन्न हुआ।इस अवसर पर विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता को और सुदृढ़ करने हेतु निर्मित स्मार्ट क्लास एवं स्मार्ट लैब का लोकार्पण पूर्व छात्र–छात्राओं एवं गुरुजनों द्वारा किया गया। वर्षों बाद गुरुजनों और शिष्यों के पुनर्मिलन का यह क्षण अत्यंत भावनात्मक और स्मरणीय रहा।
महासम्मेलन में सन 1962 से 2025 तक के विभिन्न बैचों के सैकड़ों पूर्व छात्र–छात्राओं एवं शिक्षकों की सहभागिता रही। कार्यक्रम के लिए पूर्व विद्यार्थियों द्वारा पूर्व पंजीयन कराया गया था। सम्मेलन में किसान,व्यापारी, कर्मचारी, अधिकारी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत पूर्व छात्र देश के अलग-अलग जिलों व राज्यों से पहुंचे। साथ ही उम्रदराज़ पूर्व विद्यार्थी एवं सेवानिवृत्त गुरुजन भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
आयोजन के दौरान सभी बैचों के पूर्व विद्यार्थियों का मंच से स्वागत एवं सम्मान किया गया। विद्यालय के 63 वर्षों के शैक्षणिक सफर को स्मरण करते हुए आयोजक समिति द्वारा सैकड़ों पूर्व छात्रों और गुरुजनों को अभिनंदन पत्र, मेडल, मोमेंटो, शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। प्रत्येक बैच से एक पूर्व छात्र को मंच से अपने स्कूली जीवन की स्मृतियां साझा करने का अवसर दिया गया, जिसमें उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन से जुड़े रोचक व प्रेरक प्रसंग सुनाए।कार्यक्रम में विद्यालय के संस्थापकों को भी श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। साथ ही पत्रकार पामेश देवांगन, श्रवण साहू, रूपेश साहू एवं रामनाथ शर्मा को शॉल, श्रीफल, मोमेंटो एवं अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।पर्यावरण संरक्षण को संदेश देते हुए कार्यक्रम में 1 हजार पौधों का वितरण किया गया, जो प्रत्येक पूर्व छात्र एवं गुरुजन को स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट किए गए। भोजन व्यवस्था में विशेष रूप से ध्यान रखा गया कि डिस्पोजेबल या प्लास्टिक सामग्री का उपयोग न हो, जिससे पर्यावरण-अनुकूल आयोजन का उदाहरण प्रस्तुत किया गया।
मंच संचालन का दायित्व सितेश्वर सिन्हा, थानेश्वर तारक, रामेश्वर साहू (शिक्षक बकली), सुरेश सार्वा एवं रोहित निर्मलकर सहित अन्य ने कुशलतापूर्वक निभाया।कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु विभिन्न समितियों का गठन किया गया था। मंचीय व्यवस्था में रामेश्वर साहू बकली, आशीष साहू (अछोटी), थानेश्वर तारक (गोजी), कैलाश साहू (गातापार), रोहित निर्मलकर, सितेश्वर सिन्हा, सुरेश सार्वा एवं झागेश्वर ध्रुव शामिल रहे।पंजीयन समिति में रेशम, राधेरमण, गिरिजा शंकर, हरीनारायण साहू, रोशन विश्वकर्मा एवं प्रेमलाल साहू ने योगदान दिया।भोजन व्यवस्था में घनश्याम साहू, तिलक कुमार साहू, द्वारिका सिन्हा, नरेंद्र ध्रुवंशी, संजीत साहू, शिवराम श्रीहोल, पूरनलाल घृतलहरे एवं नारायण साहू सहित अन्य का सहयोग रहा।बैठक व्यवस्था में अरविंद गुरु (अधिवक्ता), हेमंत साहू, रमाकांत साहू (शिक्षक), जागेश्वर सिन्हा, कलीराम ध्रुव, गिरवर साहू (शिक्षक) एवं देवेंद्र साहू सहित अनेक पूर्व छात्र, शिक्षक एवं ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही।कुल मिलाकर गुरु–शिष्य स्नेह महासम्मेलन न केवल विद्यालय के गौरवशाली इतिहास का उत्सव बना, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव, पर्यावरण चेतना और शैक्षिक विकास का सशक्त संदेश भी देकर गया।