राजिम-
राजिम कुंभ कल्प केवल तीन नदियों महानदी, पैरी एवं सोंडूर का संगम ही नहीं, बल्कि रायपुर, धमतरी और गरियाबंद तीन जिलों को जोड़ने वाला एक पावन एवं ऐतिहासिक आयोजन है। त्रिवेणी संगम राजिम गरियाबंद जिले के अंतर्गत आता है, जहाँ भगवान श्री राजीव लोचन विराजमान हैं। वहीं धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड अंतर्गत स्थित लोमस ऋषि आश्रम एवं कुलेश्वर महादेव राजिम कुंभ का अभिन्न हिस्सा हैं, जहाँ साधु-संतों के अखाड़े लगते हैं।इसके बावजूद जनपद पंचायत मगरलोड क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के साथ उपेक्षा और सौतेला व्यवहार किए जाने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार 31 जनवरी को लोमस ऋषि आश्रम में सुबह 11 बजे उग्र धरना-प्रदर्शन किया गया।जनपद पंचायत मगरलोड अध्यक्ष वीरेंद्र साहू ने बताया कि राजिम कुंभ मेले में मगरलोड जनपद के सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाए जाने के बावजूद, क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को किसी भी आधिकारिक कार्यक्रम में सहभागिता नहीं दी गई। साथ ही मेले में छोटे-छोटे व्यवसायियों, पान ठेला एवं दुकानदारों से अनुचित शुल्क वसूली किए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन जनप्रतिनिधियों की अनदेखी, स्थानीय छोटे व्यापारियों के साथ अन्याय और जनभावनाओं की उपेक्षा के विरोध में किया गया है। वीरेंद्र साहू ने क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, छोटे व्यापारियों, युवाओं एवं आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर आंदोलन को समर्थन देने की अपील की।धरना-प्रदर्शन में रहे प्रमुख रूप से  जनपद पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र साहू, उपाध्यक्ष खिलेश साहू, पूर्व जनपद अध्यक्ष श्याम साहू, जिला सहकारिता सभापति मीना डेमू साहू, जनपद कृषि सभापति राजेश साहू, पूर्व मंडल अध्यक्ष होरी लाल साहू, पूर्व जिला उपाध्यक्ष नरेश साहू, भाजयुमो जिला महामंत्री चेतन साहू, जनपद सदस्य तिलोत्मा प्रेमा साहू, अनीता देशमुख, विनीता संत शरण, कृष्ण ध्रुव सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सरपंच-उपसरपंच, सामाजिक कार्यकर्ता एवं नागरिक उपस्थित रहे।वहीं प्रशासनिक स्तर पर गरियाबंद जिला एसडीएम, ओएसडीपी, तहसीलदार एवं थाना प्रभारी भी मौके पर मौजूद रहे।धरना-प्रदर्शन के माध्यम से जनपद पंचायत मगरलोड क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने मांग की कि राजिम कुंभ जैसे ऐतिहासिक आयोजन में सभी संबंधित क्षेत्रों को समान सम्मान एवं सहभागिता दी जाए तथा स्थानीय छोटे व्यापारियों से की जा रही अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगाई जाए।