पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में जिले में संचालित प्राइवेट एंबुलेंस सेवाओं को लेकर एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्राइवेट एंबुलेंस संचालकों के साथ परिवहन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य एंबुलेंस सेवाओं को नियमसम्मत, सुरक्षित एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित करना रहा।बैठक के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी एंबुलेंस का संचालन वाहन फिटनेस, वैध दस्तावेज, बीमा, परमिट, चालक की निर्धारित योग्यता तथा एंबुलेंस के लिए अनिवार्य उपकरण एवं मानकों को पूर्ण किए बिना नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित एंबुलेंस संचालकों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने कहा कि एंबुलेंस एक अत्यंत संवेदनशील एवं आपातकालीन सेवा है, जिसका सीधा संबंध मरीज के जीवन से जुड़ा होता है। ऐसे में तकनीकी खामियां, लापरवाही अथवा नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। सड़क सुरक्षा के साथ-साथ मरीजों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।बैठक में परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा एंबुलेंस के पंजीयन, फिटनेस प्रमाण-पत्र, निर्धारित मानक उपकरण, आपातकालीन सायरन तथा अन्य आवश्यक शर्तों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही समय-समय पर वाहनों की जांच एवं दस्तावेजों के नवीनीकरण की सख्त हिदायत दी गई।बैठक के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी एंबुलेंस चालक द्वारा शराब सेवन की अवस्था में वाहन संचालन पूर्णतः प्रतिबंधित है। यदि कोई चालक नशे की स्थिति में एंबुलेंस चलाते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संबंधित एंबुलेंस संचालक की जवाबदेही भी तय की जाएगी।धमतरी पुलिस एवं परिवहन विभाग ने संयुक्त रूप से यह संदेश दिया कि आम नागरिकों और मरीजों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा तथा जिले में संचालित सभी एंबुलेंस सेवाओं का संचालन नियमों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाएगा।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार पांडेय, उप पुलिस अधीक्षक मोनिका मरावी, आरटीओ निरीक्षक कुंजाम एवं परिवहन विभाग की टीम, यातायात प्रभारी सहित जिले के प्राइवेट एंबुलेंस संचालक एवं चालक उपस्थित रहे।
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