धमतरी मगरलोड, पर्यावरण संरक्षण केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण ही सफलता की वास्तविक कसौटी है। नगर पंचायत मगरलोड का कृष्ण कुंज इसी सोच का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया है। वर्ष 2022-23 में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा विकसित इस हरित परिसर में लगाए गए 250 पौधों में से सभी पौधे चार वर्ष बाद भी जीवित हैं, जो प्रभावी रखरखाव, सतत निगरानी और जनसहभागिता का परिणाम है।
वन परिक्षेत्र उत्तर सिंगपुर के अंतर्गत लगभग 14.11 लाख रुपये की लागत से 0.40 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित कृष्ण कुंज में आम, इमली, बरगद, पीपल, नीम, जामुन, कदम्ब, गुलर, अमरूद, बेर, अनार, सीताफल, आंवला, कैथा एवं शहतूत सहित विभिन्न छायादार और फलदार प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। पौधों की सुरक्षा के लिए फेंसिंग, बाउंड्रीवाल, गेट, सूचना बोर्ड तथा अन्य आवश्यक संरचनाएं भी विकसित की गई हैं।
कृष्ण कुंज की विशेष पहचान यह भी है कि जनसहयोग और सामाजिक सहभागिता से परिसर में भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा स्थापित की गई है। इससे यह स्थान हरित विकास के साथ-साथ आस्था और सामाजिक जुड़ाव का भी केंद्र बन गया है।
निरीक्षण एवं कार्यक्रम के दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष लीलेश सुरेश साहू, उपाध्यक्ष रुखमणी तोरण सिन्हा, मुख्य नगर पालिका अधिकारी चौहान, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष खिलेश साहू, निर्माण समिति सभापति सुरेश साहू, वन समिति सभापति तिलोतमा साहू, विधायक प्रतिनिधि रवि निर्वाण, नगर पंचायत के जनप्रतिनिधि, कर्मचारी, वन विभाग का अमला तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
चार वर्षों तक 100 प्रतिशत पौधों का सुरक्षित और जीवित रहना यह साबित करता है कि पौधरोपण के साथ नियमित संरक्षण, सामुदायिक भागीदारी और जिम्मेदार निगरानी को प्राथमिकता दी जाए तो पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य प्रभावी ढंग से हासिल किए जा सकते हैं। आज कृष्ण कुंज मगरलोड क्षेत्र में हरियाली, जैव विविधता और पर्यावरण जागरूकता का प्रेरक मॉडल बनकर उभर रहा है।
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